स्मृति शेष : डॉ. बिंदेश्वर पाठक : ‘सुलभ’ बनाया जनजीवन……

पाञ्चजन्य द्वारा डॉ अशोक कुमार ज्योति गत 15 अगस्त को सुलभ शौचालय के संस्थापक डॉ. बिंदेश्वर पाठक का नई दिल्ली में निधन हो गया। 16 अगस्त को उनका अंतिम संस्कार किया गया। डॉ. पाठक का मूलमंत्र था-‘स्वच्छ समाज और स्वच्छ मानस।’ इसी विचार के साथ वे 55 वर्ष से राष्ट्र की सेवा में सक्रिय थे।…

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सुलभ के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक नहीं रहे

सुलभ स्वच्छता, सामाजिक सुधार और मानवाधिकार आंदोलन के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक नहीं रहे। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया। नई दिल्ली के पालम-डाबरी रोड स्थित सुलभ परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के बीच बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था।

सामाजिक क्रांति के अगदूत पद्म विभूषण डॉ बिन्देश्वर पाठक

Janta Se Rishta Admin 4 Sept 2023 आर. के. सिन्हा बात 1968-1969 की है। मैं उन दिनों पटना के अंग्रेजी दैनिक सर्चलाईट और हिन्दी दैनिक के प्रदीप में दिवभाषीय कार्यालय संवाददाता था। पटना के गर्दनीबाग मुहल्ले के रोड नं0 4 ए के क्वाटर नं0-15 में अपने पिताजी के साथ उनके सरकारी आवास में रहता था।…

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पीएम मोदी ने पद्म भूषण डॉ. बिंदेश्वर पाठक को याद किया

Published By : Admin | August 20, 2023 | 09:23 IST 77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के कुछ ही घंटे बाद जब उन्हें यह जानकारी मिली कि दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Delhi) में पद्म भूषण डॉ. बिंदेश्वर पाठक का निधन हो गया है तो वह…

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Women, Volunteers, and Sustainability at the Core: Sulabh International and the UN International Years 2026

The United Nations General Assembly has proclaimed 2026 as the International Year of the Woman Farmer (IYWF), the International Year of Rangelands and Pastoralists (IYRP), and the International Year of Volunteers for Sustainable Development (IVY). These declarations recognize the pivotal roles women, pastoralist communities, and volunteers play in achieving the Sustainable Development Goals (SDGs). As…

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