पश्चिमी दिल्ली, जासं : दुनिया में बहुचर्चित व लोकप्रिय सुलभ तकनीक से रूबरू होने यूरोपीय देश बेल्जियम की राजकुमारी मिथल्डे टीम के साथ मंगलवार को महावीर एंक्लेव स्थित सुलभ परिसर पहुंची। परिसर में सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक ने राजकुमारी को सुलभ तकनीक के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि चंद वर्षो पहले सिर पर मैला ढोने वाली महिलाओं को सुलभ संस्थान ने प्रशिक्षण देकर समाज की मुख्य धारा में शामिल किया। राजकुमारी मिथल्डे ने संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं से भी बातचीत की। महिलाओं ने राजकुमारी को फूलों की माला भेंट की। बिंदेश्वर पाठक ने बताया कि सुलभ में कैसे मल द्वारा बायोगैस उत्पन्न की जाती है। राजकुमारी ने बायोगैस पद्धति में रूचि रखते हुए इसे विभिन्न देशों को भी अपनाने की सलाह दी। राजकुमारी ने इस बात पर अफसोस जताया कि दुनिया की दो अरब से अधिक आबादी को स्वच्छता सुविधाएं मयस्सर नहीं हैं।
महावीर एंक्लेव स्थित सुलभ इंटरनेशनल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं महिलाओं से मुलाकात करतीं बेल्जियम की राजकुमारी मिथल्डे। साथ में संस्था के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक। जागरण
Source: Dainik Jagran, New Delhi Edition, 24 March 2010