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Jun 15, 2016

पॉटी से बनी गेंद दिखाते बिंदेश्वरी पाठक।

पॉटी से बनी गेंद दिखाते बिंदेश्वरी पाठक।

वाराणसी. अब बच्चे मानव पॉटी से बने गेंद से क्रिकेट खेलेंगे। सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वरी पाठक ने इसकी जानकारी दी। वह इस विधि से आगे चलकर स्टार्ट अप के जरिए गांव के लोगों को भी जोड़ना चाहते हैं।

पॉटी से बनाया है गेंद
– दिल्ली में उनके लैब में एक्सपर्ट्स ने पॉटी (मानव मल) से गेंद बनाई है।
– इसका इस्तेमाल क्रिकेट के साथ दूसरे खेल में किया जा सकता है।
– इसका मकसद सिर्फ इतना है कि लो मल (पॉटी) से नफरत न करें।
– गेंद के ऊपर नर्म कपडे और स्पंज लगाकर नर्म किया जाएगा।

गेंद पर रिसर्च कर रहे हैं साइंटिस्ट।

गेंद पर रिसर्च कर रहे हैं साइंटिस्ट।

पॉटी से गेंद बनाने में इन चीजों का होता है इस्तेमाल
टोकरी, प्लास्टिक सीट, ग्राइंडिंग मशीन, फेविकोल, छन्ना, प्लास्टिक बैग। सुलभ के लैबोटरी में साइंटिस्ट ने परीक्षण किया है। यह संक्रमणमुक्त पाया गया है। 2006-2007 से इस पर काम चल रहा था। इसमें मानव मल का खाद इस्तेमाल होता है।

पॉटी से बनी गेंद।

पॉटी से बनी गेंद।

Source : http://www.bhaskar.com/news/UP-VAR-sulabh-shauchalaya-start-to-prepare-potty-ball-5349655-PHO.html