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Udaipur. स्वच्छता का समाजशास्त्र सत्य व अहिंसा पर आधारित है। स्वच्छता सुविधाओं में स्वच्छता की संस्कृति से ही देश का सामाजिक, आर्थिक व पर्यावरणीय विकास सम्भव है। ये विचार सुलभ इन्टरनेशनल के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक ने डॉ. मोहनसिंह मेमोरियल ट्रस्ट तथा विद्याभवन पोलीटेक्नीक की सिविल इंजीनियरिंग विभाग के साझे में आयोजित स्वच्छता का समाजशास्त्र विषयक व्याख्यान में व्यक्त किये।

डॉ. पाठक ने महात्मा गान्धी का उल्लेख करते हुए कहा कि गान्धी स्वतंत्र भारत से पहले स्वच्छ भारत चाहते थे लेकिन आजादी के इतने वर्षो के बाद भी देश के शहर—गावों में पर्याप्त व उचित स्वच्छता की सुविधा उपलब्ध नहीं है। डॉ. पाठक ने स्वच्छ शौचालय की टेक्नीक का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत में ऐसे शौचालय चाहिए जिसमें कम पानी का इस्तेमाल होकर मल का पर्यावरणीय सुरक्षित निस्तारण हो जाये। सेफ्टी टेंक ठण्डे देशों के मोसम के लिए उपयुक्त है। भारत जैसे गर्म देशों को ध्यान में रखते हुए डॉ. पाठक ने सुलभ शौचालय की तकनीक विकसित की है। डॉ. पाठक ने कहा कि स्वच्छ व सस्ते शोचालय से ही छुआछुत व मैला ढोने की प्रथा समाप्त होगी।

डॉ. पाठक ने बताया कि स्वच्छता का समाजशास्त्र एक वैज्ञानिक शिक्षा है जिसमें समाज की समस्याओं का निराकरण किया जा सके जो सतत् विकास के लिए स्वच्छता, सामाजिक भेदभाव, जल सामाजिक शास्त्र, पर्यावरण, गरीबी, लिंग समानता, बच्चों के कल्याण एवं लोगो को सशक्त करने एवं दर्शन व आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति से सन्दर्भ हो जिससे एक खुशनुमा जीवन जीया जा सके और अन्य लोगो के जीवन में परिवर्तन लाया जा सके। डॉ. पाठक ने विवेकानन्द को उदृत करते हुए कहा कि ’वे ही जीते है जो दूसरों के लिए जीते है।’
अध्यक्षता करते हुए विद्याभवन सोसायटी के अध्यक्ष रियाज तहसीन ने कहा कि बाहरी स्वच्छता के साथ साथ मन के भीतर की स्वच्छता जरूरी है। तहसीन ने विद्याभवन पॉलीटेक्निक द्वारा स्वच्छता व ग्रामीण विकास के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। आरम्भ में ट्रस्ट सचिव नन्दकिशोर शर्मा ने डॉ. पाठक का स्वागत व उनका संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि महात्मा गान्धी के पश्चात डॉ. विन्देश्वर पाठक ही वे व्यक्ति है जिन्होंने स्वच्छता व छुआछुत व मैला ढोने वालों के उत्थान की दिशा में कार्य  किया है। धन्यवाद ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय सिंह मेहता ने दिया। संचालन डॉ. श्रीराम ने किया। व्याख्यान में प्रो. जगत एस मेहता, एस.पी.गोड, अनिल मेहता, शान्तिलाल भण्डारी, रवि भण्डारी, शिवराज सोनवाल, सुलभ इन्टरनेशनल की अध्यक्ष उषा आदि गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर सुलभ इन्टरनेशनल द्वारा भव्य प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी को नागरिकों ने बडे उत्साह से देखा व सराहा।

Source : http://udaipurnews.in/2013/02/26/sociology-of-hygiene-is-based-on-non-violence-and-truth/