Posted by & filed under Articles, In the Press, Madhya Pradesh, Photos.

मध्य प्रदेश की एक दलित महिला द्वारा शौचालय के लिए अपने पति और परिवार के खिलाफ बगावत करने के लिए सुलभ इंटरनेशनल ने रविवार को उसे दो लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। इस विद्रोह ने उसके विवाह को खतरे में डाल दिया। खुले में शौच से परेशान होकर मध्य प्रदेश के देवास जिले के मुंडलना गांव की एक दलित महिला सविता ने अपने पति देवकरन पर घर में एक शौचालय बनाने के लिए दबाव डाला। 

जब उसकी बात को अनसुना कर दिया गया तो सविता अपने पति के घर से निकल अपने पिता के घर चली गई। इससे उसका विवाह खतरे में पड़ गया। वह तभी अपने पति के घर लौटी जब वहां पर शौचालय का निर्माण हो गया। 

सुलभ इंटरनेशनल से जुड़े स्वयंसेवकों ने कहा कि सविता ने भारत के ग्रामीण इलाकों की महिलाओं के लिए एक उदाहरण पेश किया है। दलित महिला के साहस को सम्मान प्रदान करते हुए दो लाख रुपये का पुरस्कार घोषित करते हुए सुलभ के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक ने कहा कि पूरी तरह दैनिक मजदूरी पर निर्भर व्यक्ति के लिए ऐसी पहल करना अत्यधिक सराहनीय है। 

Source : http://www.liveaaryaavart.com/2014/01/women-awarded-for-toilet-revolt.html

Posted by & filed under Articles, In the Press, Madhya Pradesh, Photos.

भोपाल, प्रेट्र। मध्य प्रदेश के देवास जिले में शौचालय ना होने के कारण ससुराल छोड़ने वाली दलित महिला को गैर सरकारी संगठन सुलभ इंटरनेशनल दो लाख रुपये देकर सम्मानित करेगी। हालांकि गत शुक्रवार को घर में शौचालय का निर्माण हो जाने पर महिला ससुराल लौट आई थी।

मुंडलाआना गांव निवासी महिला सविता ने भरण-पोषण मामले को लेकर अदालत में एक याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान घर में शौचालय ना होने की बात प्रमुख समस्या के रूप में सामने आई। इस पर अदालत ने महिला के पति देवकरण मालवीय को शौचालय बनवाने का आदेश दिया।

सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ बिंदेश्वर पाठक का कहना है कि ग्रामीण महिलाओं में साफ-सफाई को लेकर जागरूकता आई है। सविता का उदाहरण सबके सामने है। ग्रामीण महिलाओं की प्रेरणास्त्रोत बनने के कारण सविता को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा।

गौरतलब है कि सविता के ससुराल में शौचालय का निर्माण भी सुलभ ने ही करवाया था।

Source : http://www.jagran.com/madhya-pradesh/bhopal-11005968.html