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नई दिल्ली। सिर पर मैला ढोने के खिलाफ संसद में पारित विधेयक के मद्देनजर सुलभ इंटरनेशनल ने सोमवार को सात महिलाओं को अपना लोकायुक्त नियुक्त किया। ये महिलाएं इससे पहले सुलभ में मैला ढोने का कार्य करती थीं। जब यह विधेयक कानून के रूप में लागू होगा तो अब तक अस्पृश्यता का दंश झेलने वाली ये महिलाएं मैला ढोने वालों की अवैध नियुक्ति के मामलों में अपना निर्णय देंगी।

 ये नवनियुक्त लोकायुक्त महिलाएं अस्पृश्यता से जु़डी शिकायतें भी सुनेंगी। सुलभ के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक ने कहा, ""यह उन लोगों को सामाज में प्रतिष्ठित स्थान दिलाने के लिए किया गया एक प्रयास है।"" उन्होंने आगे कहा, ""विधेयक पारित करना बहुत महत्वपूर्ण कार्य है, लेकिन यह देखा जाना भी बहुत जरूरी है कि विधेयक के कानून रूप में लागू होने के बाद भी इन लोगों को समाज में भेदभाव और असमानता न झेलनी प़डे।"

 लोकायुक्त नियुक्त की गई महिलाओं में से एक सुनीता ने कहा, ""हमें इस बात की खुशी है कि हम एक बेहतर जीवन की ओर अग्रसर हैं तथा समाज में हमें असमानता का सामना नहीं करना प़डता।"

 मैला ढोने वाले सफाईकर्मियों की नियुक्ति निषेध एवं पुनर्वास विधेयक-2012 का उद्देश्य मैला ढोने एवं हाथ से सफाई को समाप्त करना और इस कार्य में लगे लोगों को अन्य विभिन्न रोजगार प्रदान करना है।

Source : http://www.khaskhabar.com/hindi-news/National-delhi-news-seven-women-became-accessible-to-scavengers-lokayukta-2255369.html