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01 Oct 2015

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि राज्य सरकार थारू जनजाति को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है.

थारू जनजाति को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रयासरत : अखिलेश
श्री यादव ने कहा कि थारू जनजाति के लोग भी शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राप्त कर जागरूक बनें और अपना भविष्य बेहतर बना सकें. उन्होंने कहा कि थारू जनजाति के विकास की योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी.

मुख्यमंत्री बुधवार को यहां अपने सरकारी आवास पर थारू जनजाति की महिलाओं तथा बालिकाओं के एक दल को शैक्षणिक भ्रमण के लिए ओरछा (मध्य प्रदेश) के लिए रवाना करने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि प्रदेश तेजी से तरक्की कर रहा है, लेकिन थारू जनजाति की स्थिति में कोई विशेष बदलाव नहीं आया है. इस जनजाति के लोग आज भी जंगल में हैं. यद्यपि जंगलों को बचाये रखने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है. अखिलेश ने कहा कि कतिपय कानूनों की वजह से थारू जनजातीय क्षेत्र में विकास गतिविधियों जैसे, बिजली अथवा टेलीफोन की लाइनें बिछाने, घर बनाने आदि में कठिनाइयां आती हैं.

इसके बावजूद राज्य सरकार कानून के दायरे में सभी सम्भव तरीकों से थारू जनजाति के विकास के लिए प्रयास करती रहेगी. अखिलेश ने कहा कि दिल्ली हाट की तरह लखनऊ में भी एक बाजार का निर्माण कराया जा रहा है. यह बाजार दिल्ली हाट से भी बड़ा होगा, जहां पर प्रदेश के हस्तशिल्पी अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय कर सकेंगे. थारू महिलाएं भी अपने हस्तशिल्प का यहां पर प्रदर्शन एवं विक्रय कर सकेंगी. उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से ओरछा एक महत्वपूर्ण स्थान है. थारू महिला उद्यमियों को ओरछा के ताराग्राम के शैक्षणिक भ्रमण से काफी सीखने को मिलेगा.

इसके अलावा ओरछा की लम्बी यात्रा के दौरान भी काफी सीखने को मिलेगा, जिससे इनका उद्यमिता कौशल और अधिक निखरेगा. ये महिलाएं स्वावलम्बी बनकर अपने परिवार के साथ ही पूरे समुदाय के आर्थिक विकास की वाहक बनेंगी. उन्होंने कहा कि सीखने-सिखाने का सिलसिला चलता रहना चाहिए. राज्य सरकार इसके लिए अपना पूरा सहयोग करेगी. मुख्यमंत्री ने अध्ययन दल की बालिकाओं-महिलाओं को किट एवं जैकेट भेंट कीं.

इस अवसर पर थारू महिलाओं ने मुख्यमंत्री एवं कन्नौज की सांसद डिम्पल यादव को स्मृति चिह्न दिये. कार्यक्रम को सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक श्री बिन्देर पाठक ने भी सम्बोधित किया. इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया. कार्यक्रम के शुभारम्भ में थारू बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. इस अवसर पर जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी किंजल सिंह ने थारू जनजातीय क्षेत्र के विकास के उपायों पर एक प्रस्तुतिकरण दिया. कार्यक्रम के अन्त में मुख्यमंत्री ने थारू बालिकाओं-महिलाओं के अध्ययन दल की बस को झण्डी दिखाकर रवाना किया.

इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव, राजनीतिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी, ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरविन्द कुमार सिंह गोप, ब्रज फाउण्डेशन के विनीत नारायण, प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल सहित शासन-प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे. ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने एक नयी पहल करते हुए प्रदेश के थारू जनजातीय क्षेत्र की उद्यमी बालिकाओं-महिलाओं को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में स्थित ओरछा के ताराग्राम में शैक्षणिक भ्रमण के लिए भेजने का फैसला लिया है.

इसके तहत खीरी एवं बहराइच के थारू क्षेत्र की 20-20 बालिकाओं-महिलाओं का चयन किया गया है. लगनशील, मेहनती तथा सीखने की इच्छा से भरपूर इन बालिकाओं-महिलाओं को एनआरएलएम के तहत शिक्षित कर कम्प्यूटर की भी जानकारी दी गई है. इन्हें थारू जनजाति के सम्बन्ध में सरकार की विकास योजनाओं से अवगत कराने के साथ ही ताराग्राम की विभिन्न इकाइयों के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी गई है.

 

Source: http://www.samaylive.com/regional-news-in-hindi/uttar-pradesh-news-in-hindi/328405/need-to-bring-tharu-tribal-members-to-mainstream-said-akhilesh.html