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बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेदकर-जयंती-समारोह के अवसर पर आज दिल्ली के मावलंकर अॉडिटोरियम में सामाजिक समरसता और जाति एक : भारतीय विषय पर केंद्रित एक भव्य कवि-सम्मेलन का आज आयोजन सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइज़ेशन द्वारा किया गया, जिसमें देशभर के पन्द्रह कवियों ने भाग लिया। उनमें प्रमुख थे – पंडित सुरेश नीरव, डॉ. कुँअर बेचैन, डॉ. कौशल पवार, डॉ. प्रभा शर्मा भार्गव, सुनीता खोखा, अरुण सागर, पूनम माटिया, पंडित नमन इत्यादि ने भाग लिया ।

सुलभ संस्थान के तत्वावधान में “अस्पृश्यता अब और नहीं” विषय पर आयोजित विचार संगोष्ठी का केन्द्रीय गृहराज्यमंत्री राजनाथ सिंह ने 13 अप्रैल,स्थानीय मावलंकर हॉल में उदघाटन किया गया।। संगोष्ठी की अध्यक्षता कवि-चिंतक-विचारक तथा अखिलभारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेश नीरव ने की। सुलभ संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष पदमविभूषण डॉक्टर विंदेश्वर पाठक ने इस अवसर पर सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर सुलभ साहित्य अकादमी द्वारा आचार्य निशांत केतु के संपादन में प्रकाशित पुस्तक “जाति एक भारतीय” तथा डॉक्टर विंदेश्वर पाठक के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केन्द्रित मासिक “ट्रूमीडिया पत्रिका” का लोकार्पण भी किया गया।